उद्यमशीलता अपेक्षित दर पर विकसित नहीं हो रही है और इस कारण देश में बेरोजगारी है।इस स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन की शुरुआत की है।राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) 2022 में रोजगार का सृजन किया जाएगा।इसके अलावा अन्य किसी उद्यम को विकसित किया जाएगा और प्रत्येक पशु की उत्पादकता में वृद्धि भी की जाएगी।इस अनुच्छेद में राष्ट्रीय पशुधन मिशन 2022 के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है, जैसे कि इसके उद्देश्य, लाभ, विशेषताएं, पात्रता, अपेक्षित दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया आदि।इसलिए यदि आप राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) से लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको इस लेख के अंत तक बहुत सावधानी से पढ़ना होगा।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन 2022 के बारे में

भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग ने वर्ष 2014-15 में एक राष्ट्रीय पशुधन मिशन की शुरुआत की है।इस मिशन के माध्यम से उद्यमिता विकास और प्रति पशु उत्पादकता में वृद्धि के माध्यम से रोजगार का सृजन होगा जिससे मांस, बकरी का दूध, अंडा और ऊन के उत्पादन में वृद्धि होगी।उत्पादन में आधिक्य घरेलू मांग की पूर्ति के पश्चात निर्यात आय में वृद्धि करेगा।इस योजना की शुरूआत असंगठित क्षेत्र में उपलब्ध उत्पाद के लिए अग्रगामी और पश्चगामी संयोजन के निर्माण के लिए उद्यमियों को विकसित करने और असंगठित क्षेत्र को संगठित क्षेत्र से जोड़ने के लिए की गई है।नस्ल सुधार से प्रति व्यक्ति उत्पादकता में वृद्धि की जाएगी।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन का उद्देश्य

राष्ट्रीय पशुधन मिशन का मुख्य उद्देश्य लघु जुटाई, मुर्गीपालन तथा सूअर पालन क्षेत्र में उद्यमिता विकास के माध्यम से रोजगार का सृजन करना है।यह योजना पशु की प्रति उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित है जो कि नस्ल के सुधार के माध्यम से की जाएगी।इसके अलावा मांस, अंडे, बकरी का दूध, ऊन तथा चारे के उत्पादन में भी वृद्धि की जाएगी.इस योजना से मांग में पर्याप्त कमी लाने के लिए चारा और चारा की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।मांग में कमी को कम करने के लिए संस्थान को चारा प्रसंस्करण इकाइयों के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.किसानों के लिए पशुधन बीमा सहित जोखिम प्रबन्धन उपाय किए जाएंगे।प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के लाभ और विशेषताएं

पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार ने वर्ष 2014-15 में राष्ट्रीय पशुधन मिशन की शुरुआत की है।इस मिशन के माध्यम से उद्यमिता विकास और प्रति पशु उत्पादकता में वृद्धि के माध्यम से रोजगार पैदा किया जाएगा। इस योजना से मांस, बकरी का दूध, अंडा और ऊन के उत्पादन में मदद मिलेगी।उत्पादन में आधिक्य घरेलू मांग की पूर्ति के पश्चात निर्यात आय में वृद्धि करेगा।इस योजना की शुरूआत असंगठित क्षेत्र में इस योजना के माध्यम से उपलब्ध उत्पादन के लिए अग्रगामी और पश्चगामी सहलगण्ड के सृजन के लिए उद्यमियों के विकास के लिए की गई है। असंगठित क्षेत्र संगठित क्षेत्र से जुड़ा होगा।नस्ल सुधार से प्रति व्यक्ति उत्पादकता में वृद्धि होगी।लागत कम करने और पशुओं के उत्पादन में सुधार के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकियों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।इसके अलावा, मांग पूर्ति में कमी लाने के लिए चारा प्रसंस्करण इकाइयों के लिए अन्य संस्थानों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के लाभार्थि :

  • Any individual
  • Farmer producer organisation
  • Self help group
  • Former cooperative organisation
  • Joint liability group
  • Section 8 companies

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के माध्यम से 50% पूंजी सब्सिडी ग्रामीण कुक्कुट पालन फार्मों की स्थापना के लिए प्रदान की जाती है, जिनमें हैचरी और ब्रोडर कम मदर यूनिट, भेड़ या बकरी प्रजनन फार्म, सूअर प्रजनन फार्म, चारा मूल्य वर्धन यूनिट और भंडारण यूनिट शामिल हैं।विभिन्न घटकों के लिए सब्सिडी की सीमा 25 लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक है।विभिन्न परियोजनाओं के लिए सब्सिडी सीमा निम्नानुसार है:-

  • Poultry project- Rs 25 lakh
  • Sheep and goat- Rs 50 lakh
  • Pig- Rs 30 lakh
  • Fodder- Rs 50 lakh

राष्ट्रीय पशुधन मिशन का वित्तीय पहलू

अंडों को सेने के लिए मूल फार्म, हैचरी, पालन-पोषण के लिए ग्रामीण कुक्कुट पालन पक्षियों की न्यूनतम 1000 मूल परत और कम से कम 500 मादा और सुअर प्रजनन फार्म की स्थापना जिसमें कम से कम 100 महिलाएं तथा कम से कम 100 पशु चारा उत्पादन फार्म की स्थापना तथा 25 सूअर पालन फार्म की स्थापना जैसे घास/साइलेज़ तैयार करना/कुल मिश्रित राशन (टीएमआर) तथा चारा का भंडारण।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अन्तर्गत ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया।

आवेदक को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र जमा करने की आवश्यकता है।

राज्य कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा आवेदन की जांच-सभी आवेदनों की राज्य कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा जाँच की जाएगी।इसके बाद एजेंसी वित्तीय संस्थाओं की अनुसूची बैंक के माध्यम से परियोजना के लिए शेष वित्तपोषण प्राप्त करने के लिए उद्यमी के आवेदन की सिफारिश करेगी।

ऋणदाता द्वारा ऋण स्वीकृति-राज्य कार्यान्वयन एजेंसी से सिफारिश मिलने के पश्चात उसी परियोजना पर बैंक या वित्तीय संस्था द्वारा वित्तपोषण के लिए विचार किया जाएगा।ऋणदाता पोर्टल से सभी दस्तावेजों के साथ आवेदन को चुन लेगा और आवेदन की जांच के बाद ऋण को स्वीकृति देगा।ऋण स्वीकृति के बाद ऋणदाता पोर्टल पर स्वीकृति पत्र अपलोड करेगा।

राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की सिफारिश-परियोजना की मंजूरी के बाद राज्य स्तरीय कार्यान्वयन एजेंसी केंद्र सरकार को आवेदन पत्र की सिफारिश करने के लिए इन्हें स्लेसी में रखा जाएगा।

ड़ीएचड़ी-ड़ीएचड़ी द्वारा सब्सिडी का अनुमोदन सब्सिडी की मंजूरी देगा और यह पोर्टल पर उसकी मंजूरी का प्रतीक होगा

संवितरण और सब्सिडी जारी करना-कुछ ऐसे नियम और शर्तें होंगी जिनका मंजूरी पत्र पर उल्लेख होगा।इन नियमों और शर्तों के अनुपालन के बाद ऋणदाता लाभार्थी को ऋण राशि का भुगतान करेगा।अनुमोदित परियोजना के लिए सिडबी के माध्यम से ऋण बैंक या वित्तीय संस्था को सब्सिडी राशि निधि जैसा भी मामला हो और लाभार्थी को सब्सिडी जारी करें।

अधिक जानकारी के लिए official website link

https://dahd.nic.in/

भारत सरकार ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन की शुरुआत की है।राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) 2022 में रोजगार का सृजन किया जाएगा।

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